Kolkata:
सरकार लाख कोशिश कर ले लड़िकयां सुरक्षित नही है। चाहे वही असमाजिक तत्वों की बात हो या फिर समाज और परिवार में रहने वाले लोगों की बात हो। पर दुःख तब और बढ़ जाता है जब समाज के कुछ प्रबुद्ध ठीकेदारों द्वारा महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को समाप्त करने के बजाय दो पैसे की लालच में महिलाओं के खिलाप खड़ा हो कर प्रताड़ित करने वालोन के साथ खड़ा हो जाता है। ऐसा ही मामला हीरोडीह थाना क्षेत्र के ढिबीटांड तीसीटांड ग्राम में सोमवार को देखने को मिला जहाँ एक विवाहिता पति व ससुराल वालों के प्रताड़ना से परेसान होकर दर्दर भटकती रही, इंसाफ का गुहार लगाती रही पर कहीं से इंसाफ नही मिला तो मजबूरन आत्महत्या कर ली।
क्या है मामला

बताया जाता है कि हीरोडीह थाना क्षेत्र के तीसीटांड निवासी प्रकाश बैठा की 22 वर्षीय पुत्री पूनम देवी की शादी छह वर्ष पूर्व धनवार थाना क्षेत्र के जमरेडीह निवासी निवासी बालो बैठा के पुत्र पप्पू बैठा के साथ हिन्दू रीतिरिवाज से की गई। विवाह के कुछ वर्षों तक दाम्पत्य जीवन ठीक-ठाक चला पर कुछ दिनों बाद ही पारिवारिक उलझन होने लगा। और पति सहित ससुराल वालों द्वारा विवाहिता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। जिसको लेकर मृतिका पूनम ने अपने मायके वालों से कही तो मायके वालों ने पारिवारिक कलह समझ कर पूनम को ससुराल में ही रहने तथा खुशमय जीवन ब्यतीत करने को कहा। जिसके उपरांत पीड़ित पूनम ससुराल में ही रहने लगी तो प्रताड़ना और मारपीट और बढ़ गया तो तंग आकर पुनः मायके में शिकायत की तो मायके वालों ने समाज के कुछ गणमान्य लोगों को लेकर पूनम के ससुराल वालों से पूछ-ताछ किया और भविष्य में ऐसा नही करने का नसीहत दिया गया। बावजूद कोई दुधार नही हुआ और ससुराल वालों ने पूनम के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। जिसके बाद पूनम मायके आ कर सारी आपबीती सुनाई तो मायके वालों ने धनवार थाना में पति सहित ससुराल वालों के खिलाप मामला दर्ज कराया गया। बावजूद पूनम ससुराल में रहने का प्रयाश की पर ससुराल वालों ने पुनः मारपीट कर भगा दिया। जिसके बाद पिछले दो वर्षों से मायके में रह कर समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियो सहित धनवार थाना से लेकर इंस्पेक्टर तथा अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी से भी इंसाफ की फरियाद करती रही पर किसी ने पहल नही किया। ऒर ना ही इंसाफ मिलता देख पूनम मजबूरन आत्महत्या करने पर मजबूर हो गई। और रविवार देर रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद अपने आप को जनप्रतिनिधि तथा समाज के ठीकेदार कहने वाले लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और फिर शसुराल वालों को गरीब कह कर लाश पर सौदेबाजी शुरू हो गयी। जिसमें बेटी बचाव, बेटी पढाव का नारा देने वाले भाजपा के सांसद प्रतिनिधि, समाज के रहनुमा कहे जाने वाले भाकपा माले के केंद्रीय कमिटी के सदस्य सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा करिहारी पंचायत के सुरही मैदान में घण्टों सौदेबाजी होती रही। वही दूसरी तरफ पीड़ित परिवार बेटी के शव को देख-देख कर रोते बिलखते रहे। पर समाज के ठीकेदारों द्वारा लड़की के मौत का कीमत 03 लाख तय कर परिजनों से दबाव बना कर हस्ताक्षर भी करा लिया गया। इस दौरान हीरोडीह थाना प्रभारी सहित पुलिस प्रशासन लाश का सौदेबाजी होते हुए सुरही मैदान में घण्टों इंतजार करते रहे। इसी दौरान काँग्रेश नेत्री डॉ. मंजू कुमारी स्थल पर पहुँच कर सौदे-बाजी से इनकार करते हुए इंसाफ की मांग की साथ ही कहा कि उक्त विवाहिता का मौत पुलिस प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी के कारण हुवी है जिसमें पुलिस भी दोषी है। जिसकी जाँच की मांग की जाने लगी। जिसे देखते हुए हीरोडीह पुलिस ने समझौता पेपर लेने से इनकार करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्या कहते हैं एसडीपीओ
उक्त मामले को लेकर एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने कहा कि मामले की जानकारी हमें नही है। अगर उक्त महिला की मौत का कारण ससुराल वालों की प्रताड़ना से हुवी है। तो जाचौपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी।

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